सहारनपुर : श्रीकृष्ण जन्मभूमि के पक्षकार आशुतोष ब्रह्मचारी गुरुवार को सहारनपुर पहुंचे जहां उन्होने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद, स्वामी मुकुंदानंद और उनके साथियों पर बहुत गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने उन्हें “राक्षस” और “कालनेमि” कहा और कहा कि वे धर्म की आड़ में सनातन धर्म को बदनाम कर रहे हैं। आशुतोष ने अश्लील हरकतों के सबूत एक पेन ड्राइव और एक CD में होने का ज़िक्र किया। आशुतोष ब्रह्मचारी ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर जमकर भड़ास निकाली। अपने ऊपर गैंगस्टर के मामले को फर्जी बताया। उनके कुकर्मो के चलते गंगा मैया ने भी उन्हें स्नान करने से मना कर दिया। यही वजह रही कि उन्हें माघ मेला छोड़कर भागना पड़ा। इस दौरान उन्होंने बिना नाम लिए यूपी के डिप्टी सीएम के नाम का भी जिक्र किया।
आशुतोष ब्रह्मचारी ने बटुकों के साथ कुकर्म के आरोप पर कहा कि यह आरोप नहीं है प्रथम दृश्यता सिद्द हो गए हैं। ऐसे दुष्कर्मी को शंकराचार्य कहना बंद कर दीजिए। ऐसे फर्जी, डोंगी, कुकर्मी को शंकाराचार्य कहना उस पीठ और सनातन का अपमान है। आरोप सिद्द होने पर न्यायलय ने उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं। इनके खिलाफ विवेचना हुई तो विवेचना में हमने लगातार स्वागत किया। अब सभी चींजे सामने आ गई हैं। मेडिकल रिपोर्ट में बटुकों के साथ कुकर्म की पुष्टि हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों से नाबालिग बच्चे लाये जाते थे। ज्यादातर वे बच्च्चे हैं जिनके माता-पिता बाढ़ में मर जाते थे। इनके एजेंट तीन-चार साल की उम्र के बच्चों को उठाकर लाते थे। उनका पालन पोषण कर जब वे 10 साल के हो जाते तो उनको गंदे काम में उतारा जाता था। अविमुक्तेश्वरानंद और मुकुंदानंद पहले आश्रम के काम कराते थे उसके बाद गुरुसेवा कहकर उनके साथ कुकर्म किया जाता था। दोनों लोग बटुकों को भगवान से मिलने का झांसा देकर कुकर्म का शिकार बनाया जाता था। मरता क्या न करता ?
उन्होंने दावा किया कि इन बटुकों को आश्रम में आये VVIP की सेवा में भी लगाया जाता था। उन्होंने VVIP लोगों के नाम का खुलासा बाद में करने की बात कही है। हालाँकि उन्होंने सपा और कांग्रेस पार्टी का जिक्र जरूर किया है। जब व्हाट्सअप चैट की जांच होगी तो बड़ा खुलासा हो जाएगा। व्हाट्सअप के जरिये उन्हें बटुकों के फोटो भेज कर पसंद कराये जाते थे। यब सब काम अविमुक्तेश्वरानंद और मुकुंदानंद के सयुंक्त CEO प्रकाश उपाध्याय करते थे। उन्होंने कहा कि चोर कभी यह नहीं कहता है कि उसने चोरी है यही सब अविमुक्तेश्वरानंद और मुकुंदानंद कर रहे हैं। अब उनके खिलाफ बड़ी संख्या में साक्ष्य पुलिस और अदालत में पेश किये जा चुके हैं। इन सबके आबाद अब उन्हें फांसी की सजा मिलनी चाहिए उन्होंने अपने गुरु जगद्गुरु का नाम भी बदनाम किया है। इतना ही नहीं अपनी आने वाली पीढ़ी को भी गन्दा काम सीखा रहा है। उसके सभी कुकृत्यों में उसका गुरुभाई अरविन्द भी शामिल है जो बटुक को यह सब सिखाता था और अविमुक्तेश्वरानंद या VVIP के कक्ष में पेश करता था।
विदेशी फंडिग का लगाते हुए उन्होंने कहा कि उनके बैंक खातों की जाँच कराई जाए तो विदेशी फंडिंग का खुलासा हो जाएगा। उनका कहना है कि सबसे पहले मुकुंदानंद आईडी की जाँच कराई जाए वह किस देश का रहने वाला है। इनके यहां कई विदेशी बच्चे भी हैं। जिनका आधार भारत का बनाया हुआ है। जनपद शाहजहांपुर के परिवार के आरोप पर उन्होंने कहा कि किस शाहजहांपुर की बात करते हो वो अखिलेश यादव उनके चेले का चेला है। वहां एक पूर्व एमएलसी है जो हमारे संगठन में काम करता था। नाम लिया तो रो पड़ेगा क्योंकि उसका एक भाई केंद्र सरकार में मंत्री हैं। जबकि वह समाजवादी पार्टी में है। जो पैसे के बल पर उस परिवार को सामने लेकर आया है। अविमुक्तेश्वरानंद कोई एसएसपी थोड़ी है जो उसके सामने लेकर पहुंचे। अगर उनके आरोपों में सच्चाई होती तो वे पुलिस अधिकारीयों से मिलते किसी कुकर्मी से नहीं। एसएसपी शाहजहांपुर या एसएसपी बनारस के साथ अदालत में जाना चाहिए थे। अगर तो हमारे कॉल डिटेल्स दिखाए किस नंबर से बात हुई। ये महज एक षड्यंत्र है जो हवा हवाई हैं। अब उनका ऐसा अंत कराएंगे कि आने वाले समय में कोई भगवाधारी भगवा पहनकर कोई ऐसा गंदा काम नहीं कर पायेगा। उनको फांसी की सजा दिलवाएंगे।
उन्होंने बताया कि बटुकों के साथ हुए कुकर्म का मेडिकल कराया जाँच में कुकर्म की पुष्टि हो चुकी है। उनके खिलाफ अब वे सनातन न्याय यात्रा निकालेंगे और विद्यामठ में पूरी चीज दिखाएँगे जहां बटुकों के साथ दुराचार होता रहा। वहां लग्जरी कमरे बनाये हुए हैं लग्जरी लॉन में स्वीमिंग पुल बनाया हुआ है। महिलाओं का भी शोषण किया जाता था। वहां की हर चीज जनजन तक पहुंचायेगे। स्विमिंग पुल में लडकियां और महिलायें अविमुक्तेश्वरानंद को नहलाया करती थी। उन कमरों में नाबालिग बटुको के साथ कुकर्म किया जाता था। डिप्टी सीएम के सवाल पर उन्होंने कहा कि माघ मेला में हुए प्रदर्शन के लिए डिप्टी सीएम असली जिम्मेदार हैं। जिसकी बातचीत अखिलेश यादव से होती रहती है। अगर डिप्टी सीएम की कॉल डिटेल्स और इंटरनेट की जाँच कराई जाये तो बड़ा खुलासा हो सकता है। इसके लिए मैंने खुद डीजीपी को पत्र लिखा है। इस दौरान उन्होंने डिप्टी सीएम पर अविमुक्तेश्वरानंद को फंडिंग करने का आरोप भी लगाया है।
अविमुक्तेश्वरानंद और उसके साथी मुकुंदानंद को विदेशी फंडिंग हो रही है। यह फंडिंग ऐसे देशो से हो रही है जो सनातन को खत्म करना चाहते हैं। ऐसे देश और ऐसी राजनितिक पार्टियां फंडिंग करा रही हैं जो सनातन को खत्म करके टोपियां ओढ़ना चाहती हैं। अविमुक्तेश्वरानंद को भारत के कानून और पुलिस पर भरोसा नहीं है। मैं तो कहता हूँ जहां कांग्रेस की सरकार है या तो वहां कि पुलिस से जाँच करा ले वहां भी कहेंगे कि विशवास नहीं है। मैं तो कहूंगा कि अगर भारत की एजेंसियों पर विशवास नहीं है तो सबको छोडो स्कॉर्ट लैंड से जाँच करा लीजिए वहां की पुलिस निष्पक्ष जांच करती है। वहां से भी आप दोषी आएंगे और आपको फांसी की सजा मिलेगी।
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